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Showing posts from December, 2017

सिंगल लोगों की व्यथा

2,3 दिन पहले फ़ेसबुक डिएक्टिवेट कर दी थी वो शादियों का सीजन है तो सिंगल लोगों की व्यथा तो जगजाहिर ही है। 2,3 दिन बहुत शांति से बीते, फिर सोचा कि चलो फिर घूम आते, एक चक्कर लगा आते fb वाले digital शहर का। login करने की देर थी बस बंधु उसके बाद तो जो देखा वो अकल्पनीय था, न्यूजफीड में नए शादी के जोड़े, वो तो dp बदलते ही हैं फिर उनकी देखा देखी उनकी friendlist के 100 लोग और dp चेंज करते कि भाई हमारी ज़िंदगी में भी बहुत रौनक है। मतलब 2,3 minute fb पर रहकर कम से कम 20 लोगों के नए फ़ोटो देखे फिर अपनी वीरान ज़िन्दगी देखी फिर धीरे से logout का बटन दबा के वापस शान्ति की दुनिया में आ गयी 😝😜January, february तक बच कर रहें, लोगों के दिखावे वाली ज़िन्दगी की showoff वाली फोटोज का नशा सिर पर न चढ़ने दें और ज़रा घर परिवार के लोगों के साथ संपर्क बनाए रखें पर रिश्ते कराने वाली aunty से दूर रहें 😃😄😁😅😅😅😅😋😋😋😐😐😐😐😐🔮🔮

पैसे का हिसाब......

*पति  ने पत्नी  से बोला पिछले महीने जो पैसे दिए थे ऊसका हिसाब दो...* *पत्नी  ने हिसाब लिखा बीच बीच मै लिखा* *2000 भ.जा.कि.ग.* *500  भ.जा.कि.ग.* *700  भ.जा.कि.ग.* *100  भ.जा.कि.ग.* *पति  ने पूछा ये भ.जा.कि.ग. क्या  है*...

एक पत्नी की दुआ...

एक पत्नी की दुआ... हे भगवान् मेरे पति को .. तरक्की दे दौलत दे बंगला दे मुझे कुछ नही चाहिए तू सब मेरे पति को दे *बाकि उससे लेना मेरा काम है* 😆😆😆😆😆